जुमला बन गई मोदी की गारंटी

जुमला बन गई "मोदी की गारंटी"?

भाजपा ने अपने घोषणा पत्र के पृष्ठ संख्या 20 पर स्पष्ट वादा किया था कि राजस्थान में उनकी सरकार बनने पर ज्वार और बाजरा की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जाएगी। लेकिन विधानसभा में एक सवाल के जवाब में यह साफ हो गया है कि राजस्थान सरकार बाजरे की खरीद MSP पर नहीं करेगी।

यह पहली बार नहीं है जब भाजपा ने अपने वादों से मुंह मोड़ा हो। इससे पहले किसान सम्मान निधि के तहत 12,000 रुपये प्रतिवर्ष देने और गेहूं की खरीद 2700 रुपये प्रति क्विंटल पर करने जैसे वादे भी सिर्फ दिखावा ही साबित हुए। अब बाजरे की MSP पर खरीद का वादा भी महज एक जुमला बनकर रह गया है।

चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के अन्य नेता हर भाषण में "मोदी की गारंटी" की बात करते थे। लेकिन अब यह गारंटी किसानों के लिए धोखा और झूठ का दूसरा नाम बन चुकी है। न तो यह सरकार पिछली योजनाओं को सही तरीके से चला पा रही है, और न ही अपने नए वादे पूरे कर रही है।

किसानों के साथ यह लगातार की जा रही धोखाधड़ी भाजपा की नीयत और नीति दोनों पर सवाल खड़ा करती है। अब समय है कि जनता समझे कि "मोदी की गारंटी" वास्तव में सिर्फ एक जुमला ही है।

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